पाकिस्तान में महिलाओं के हक की आवाज बनी खदीजा, चाकू से 23 वार झेले, इंसाफ के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची

पाकिस्तान में महिलाओं के हक की आवाज बनी खदीजा, चाकू से 23 वार झेले, इंसाफ के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची

पाकिस्तान की कानून व्यवस्था के खिलाफ लड़ने वाली एक 23 साल की लड़की देश में महिलाओं के हक की आवाज के तौर पर उभरी हैं। दरअसल, लाहौर के एक कॉलेज में कानून की पढ़ाई करने वाली खदीजा सिद्दीकी पर दो साल पहले शाह हुसैन नाम के शख्स ने चाकू से 23 वार किए थे। इस मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने हुसैन को 7 साल कैद और 3 लाख रुपए का जुर्माने की सजा सुनाई थी। लेकिन पाकिस्तान के एक नामी और रसूखदार वकील का बेटा होने की वजह से लाहौर हाईकोर्ट ने हाल ही में सबूतों और गवाहों की मौजूदगी के बावजूद हुसैन को बरी कर दिया। कोर्ट के इस फैसले और महिलाओं के खिलाफ भेदभावपूर्ण रवैये के खिलाफ देश के लोगों ने गुस्सा जाहिर किया है। मीडिया और सोशल मीडिया पर खदीजा के समर्थन में चल रहे अभियानों के बाद देश की सुप्रीम कोर्ट ने खुद मामले का संज्ञान लिया है।

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